मुंबई हिंदी सभा

भारतीय भाषा सम्मान दिलाने हेतु यात्रा पर निकले भाषायी सैनिक

२१ नवम्बर २०१८ को मुंबई से भारतीय भाषा सम्मान यात्रा को सफलता दिलाने के लिए अंधेरी में जे.बी.नगर के प्रांगण में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में सुप्रसिद्ध पंडित दिलीप जी के कर कमलो द्वारा पूजा कर २५ दिसम्बर २०१८ को शुरू होने वाली ‘भारतीय भाषा सम्मान यात्रा’ के लिए १०१ गाड़ियों व ५०० राष्ट्र प्रेमियों की सुरक्षा व्यवस्था व अन्य सुविधाओं की पूर्ण तैयारी के लिए मुंबई से महाराष्ट्र के विभिन्न भागों से होते हुए कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आँध्रप्रदेश, तेलंगाना,

मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली जाऐगी। दिलीप पंडित जी ने भाषा यात्रा के सैनिक बिजय कुमार जैन (हिंदी सेवी), वीरेंद्र जैन, आकाश कुंभार, मंगेश चव्हाण व भारत विकास परिषद के अध्यक्ष ओम प्रकाश तोदी के साथ कई राष्ट्र प्रेमियों को और यात्रा का शुभ आरम्भ कर आशीर्वाद दिया, और कहा कि २५ दिसम्बर २०१८ को भारतीय भाषा सम्मान यात्रा प्रारंभ होकर १० जनवरी २०१९ को विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर दिल्ली पहुंचकर आदरणीय महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी से निवेदन करेंगी की सभी भारतीय भाषाओं का बढ़े सम्मान, भारत की एक राष्ट्रभाषा घोषित हो ये है हम १३५ करोड़ भारतीय के अरमान, ‘घ्ह्ग्a’ को भारत के नाम से सम्बोधित किया जाये। पंडित दिलीप ने कहा कि हम सबको आशा है कि भारत के राष्ट्रपति जी हम भारतीयों के अरमानो का सम्मान करेंगे और भारतीय संसद से निवेदन करेंगे की भारतीय भाषा सम्मान यात्रा के सैनिकों की अपील पर जरूर ध्यान दिया जाए।

भारतीय भाषा सम्मान यात्रा रोकी गयी भारतीय भाषा अपनाओ अभियान भारत की बने राष्ट्रभाषा ये है हमारा आह्वान के तहत २५ दिसम्बर २०१८ से ४ जनवरी २०१९ तक भारतीय भाषा सम्मान यात्रा जो कि मुंबई से रवाना होकर दिल्ली तक जाने वाली है, किन्तु दिल्ली स्थित पुलिस फोर्स ने फतेहपुर बॉर्डर पर ही यात्रा को रोक दिया है व आगे की यात्रा के लिए सुरक्षा हेतु वार्तालाप जारी है। भारतीय भाषायी सम्मान यात्रा पहुंची जंतर-मंतर
आज दिनांक 27 दिसंबर 2018 को हम सभी दल बल के साथ मैंगलूर पहुंचे,मेंगलुरु पहुंचते वक्त हमें देर हो गई लेकिन मैंगलूर के राष्ट्रभाषा प्रेमी हमारा इंतजार रात को 9:15 बजे तक करते रहे,एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया था जहां पर वयोवृद्ध हिंदी सेवी भी उपस्थित थे हमारी बातें लोगों ने सुनी, तालियों के साथ स्वागत किया और कहा कि भारत की एक राष्ट्रभाषा होनी ही चाहिए और बिजय कुमार जी जो आप का नारा है पहले मात्रीभाषा फिर राष्ट्रभाषा एक दिन पूरा राष्ट्र इस भावना का सम्मान करेगा और भारत सरकार हिंदी को राष्ट्रभाषा का सम्मान देगी,भारत को भारत को कहेगी।आचार्य श्री विद्यासागर जी की भावना का सभी ने स्वागत किया और कहा कि आज भारत का एक संत बोल रहा है एक दिन भारत के सभी संत समाज बोलेंगे। रात्रि विश्राम कच्छी भवन में करवाया गया था। सुबह स्थानीय इडली वड़ा सांभर और चाय का आनंद लेकर हम सभी केरल की ओर प्रस्थान कर गए।स्थानीय सहयोग राजस्थानी संघ के अध्यक्ष अशोक जी धारीवाल के साथ
25 दिसंबर 2018
26 दिसंबर 2018
27 दिसंबर 2018
28 दिसंबर 2018
29 दिसंबर 2018
31 दिसंबर 2018
1 जनवरी 2019
2 जनवरी 2019
3 जनवरी 2019
4 जनवरी 2019
5 जनवरी 2019
6 जनवरी 2019
7 जनवरी 2019